विशाखापट्टनम- आधी रात में गैस लीक और चारों ओर तबाही का मंजर

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में गुरुवार रात लगभग 2.30 बजे एक केमिकल यूनिट में गैस रिसाव हो गया. उस वक्त लोग गहरी नींद में थे और उन्हें सांस लेने में भारी दिक्कत महसूस हुई. कई लोग नींद से अचानक जगे और बाहर भागने लगे जिस दौरान कई लोग बेहोश भी हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने इधर-उधर गिरे लोगों को अस्पताल पहुंचाया. कई लोगों को नींद से जगाकर बाहर निकाला गया.

इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो चुकी है 20 से ज्यादा लोग गंभीर हैं. इस हादसे में करीब 150 बच्चों सहित 300 से ज्यादा लोगों का इलाज चल रहा है. उनमें से ज्यादातर ठीक भी हो रहे हैं. -शुरुआती जांच रिपोर्ट में पता चला कि गैस वाल्व में दिक्कत के कारण हादसा हुआ. बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात 2.30 बजे गैस वाल्व खराब हो गया और जहरीली गैस लीक कर गई. विशाखापट्टनम नगर निगम कमिश्नर श्रीजना गुम्मल्ला ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार पीवीसी या स्टाइरीन गैस का रिसाव हुआ है.

ग्रेटर विशाखापट्टनम नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, “कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के कारण बंद हुई केमिकल यूनिट को गुरुवार सुबह फिर से शुरू किया गया. कुछ समय बाद टैंकों में जमा गैस लीक होने लगी और तीन किलोमीटर के दायरे में फैल गई.” अधिकारियों के अनुसार, “स्टाइरीन और पेंटाइन गैसें संभवत: दुर्घटना का कारण बनीं.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस बारे में सभी जानकारियां लीं. प्रधानमंत्री मोदी ने हालात को भांपने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की एक आपातकालीन बैठक बुलाई. दूसरी ओर राज्य के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी ने जिला प्रशासन को तत्काल कदम उठाने और सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने गृह मंत्रालय के अधिकारियों से बात की है.

मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने गैस लीक के मृतकों के परिजनों के लिए 1 करोड़ रुपये सहायता राशि देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है जो घटना के कारणों की जांच करेगी और मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपेगी. आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया है कि वह कंपनी से बात कर मृतकों के परिजनों को कंपनी के ही किसी प्लांट में नौकरी दिलाने की अपील करेगी. गैस लीक के कारण जो लोग वेंटिलेटर पर हैं, उनके लिए मुख्यमंत्री ने 10 लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की.

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