Bhangarh किले का रहस्य, क्यों है भूतिया ?

राजस्थान के अलवर जिले में सरिस्का बाघ अभयारण्य की सीमा पर स्थित, भानगढ़ किला कमज़ोर दिल वालों के लिए नहीं है। यह जगह श्रापित मानी जाती है, एक ऐसी जगह जहां इंसानों का नहीं बल्कि भूत प्रेतों का बसेरा जमता है।

इतिहास के अनुसार, राजस्थान में स्थित भानगढ़ का भूतिया किला राजा भगवंत दास ने अपने छोटे बेटे माधोसिंह के लिए बनवाया था। कथाओं की बात मानें तो यहां इस स्थान पर तपस्वी गुरु बालू नाथ रहते थे जिनसे इजाज़त प्राप्त करने के बाद किले का निर्माण कराया गया था। लोककथाओं के अनुसार, तपस्वी ने राजा को शपथ दिलाई कि किले की परछाई उसके ध्यान क्षेत्र को नहीं छुए, लेकिन राजा अपने वादे को निभाने में असफल रहा और जैसे ही किले के साए ने बालू नाथ के ध्यान स्थान को छुआ उन्होंने गांव को छतविहीन रहने के लिए श्राप दे दिया व उसके बाद यह पूरी की पूरी नगरी अंधेरे में गुम हो गई। कहते हैं कि यदि आज भी इस किले में कोई छत बनाई जाती है, तो वह जल्द ही गिर जाती है।

आपको बता दें कि एक और कहानी लोगो में बहुत प्रसिद्ध है, जिसमे एक तांत्रिक जिसका नाम सिंघिया था वह राजकुमारी रत्नावती के प्यार में सम्मोहित हो गया था। उस तांत्रिक ने रानी पर विजय पाने के लिए जादू का उपयोग करने की कोशिश की, लेकिन राजकुमारी को उसकी बुरी योजनाओं के बारे में पता चला और उसे मारने का आदेश दे दिया। तांत्रिक के मरने से पहले, उसने नगरी के उजड़ जाने का श्राप दे दिया व पूरा गांव रातों रात विरान हो गया।

लोगों ने भानगढ़ किले में भूतों की चीख, महिलाओं के रोने की आवाज, कमरों में चूड़ियों की आवाज, और शाम के बाद भयानक खुशबू आने का दावा किया है तथा भूतिया छाया, अजीब रोशनी, संगीत और नृत्य की असामान्य आवाज़ें भी बताई गई हैं। लोगो की माने तो जो शाम ढलने के बाद यहाँ रहने की हिम्मत करते हैं, अगली सुबह जीवित नहीं मिलते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Show Buttons
Hide Buttons
%d bloggers like this: