कौन है गौतमबुद्ध नगर का नया DM जिसने आते ही धूम मचाई

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान 30 मार्च को फटकार के बाद तीन महीने की छुट्टी मांगने वाले गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के जिलाधिकारी बी.एन. सिंह को हटाकर उनके स्थान पर सुहास एल वाई को गौतमबुद्ध नगर का नया डीएम बनाया गया। बी.एन. सिंह ने मुख्य सचिव आर.के. तिवारी को पत्र लिखकर तीन महीने की छुट्टी मांगी थी। उनका यह पत्र मीडिया में लीक हो गया था

मामले को लेकर मचे हड़कम्प के बाद मुख्य सचिव ने देर शाम प्रेस कांफ्रेंस कर बताया, ”सिंह को नोएडा के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व परिषद से सम्बद्ध कर दिया गया है। सिंह की जगह सुहास एल.वाई गौतमबुद्धनगर के नए जिलाधिकारी होंगे। वह पद ग्रहण भार करने के लिये नोएडा रवाना हो गए हैं।”

गौतम बुद्ध नगर के नए जिलाधिकारी का पदभार संभालने जा रहे सुहास एल वाई पहले लखनऊ में यूपी के नियोजन विभाग में स्पेशल सेक्रेटरी पद पर तैनात थे। इससे पहले वह प्रयागराज में साल 2019 में डीएम एंड कलेक्टर थे। तो वहीं, साल 2017 में वह यूपी सरकार के एक्साइज विभाग में स्पेशल सेक्रेटरी थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जगहों जैसे- सोनभद्र, जौनपुर, हाथरस, महाराजगंज, मथुरा, आगार में तैनात रह कर अपनी सेवाएं दी हैं। आजमगढ़ डीएम सुहास यूपी कैडर के आईएएस हैं। सुहास एलवाई की पहली पोस्टिंग आगरा में बतौर असिस्टेंट कलेक्टर हुई थी।

सुहास लालिनाकेरे यथिराज मूलरूप से केरल के रहनेवाले हैं और 2007 बैच के आईएएस अफसर हैं। सुहास की पत्नी रितु सुहास एक पीसीएस ऑफिसर हैं और साल 2019 में मिसेज इंडिया 2019 की विजेता भी रहीं। सुहास को पिछले साल 1 दिसंबर को उत्तर प्रदेश की सरकार ने यश भारती अवॉर्ड से नवाजा था। तीन दिसंबर 2016 को ‘वर्ल्ड डिसेबिलिटी डे’ के अवसर पर सुहास को स्टेट का बेस्ट पैरा स्पोर्ट्सपर्सन चुना गया था।

गौरतलब है कि 2018 में जब सुहास बतौर डीएम इलाहाबाद में पदस्थ थे, उन्होंने इंडोनेशिया में आयोजित पैरालम्पिक एशियन गेम देश को कांस्य पदक दिलाया था। विकलांगता को अपने परिश्रम और जुनून से शिकस्त देने वाली आईएएस अधिकारी सुहास चीन में आयोजित पैरालम्पिक बैडमिंटन चैम्पियनशिप में जीत हासिल कर चुके हैं।

नोएडा में बतौर डीएम तैनाती मिलने के बाद से ही आईएएस अफसर सुहास एलवाई ऐक्शन में हैं। नोएडा में आते ही उन्होंने ऐसे कई फैसले लिए हैं जिसकी जरूरत यूपी में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित नोएडा को थी। डीएम सुहास ने चार्ज मिलते ही सबसे पहले सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनाया। नोएडा में बने इस ऑल इन वन कंट्रोल रूम में नोएडा जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, नोएडा अथॉरिटी और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की ओर से कोरोना को लेकर हर समस्या के सामाधान की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा उन्होंने 300 सर्विलांस टीमों का गठन किया है, जिन्हें कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान की जिम्मेदारी सौंपी गई। इनमें से हर टीम में 3 अफसरों को तैनात किया गया है, जिनमें राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के अफसर शामिल हैं। अपने फैसलों के चलते वह जिलेभर में काफी लोकप्रिय हो गए हैं।

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